*दूषित पानी से बीमारियों की रोकथाम के लिए जिले में पेयजल जनित संक्रमण अनुश्रवण समिति का गठन।*
रुद्रपुर(खबर धमाका)। उत्तराखंड शासन के निर्देशों के क्रम में जिले में दूषित पेयजल से फैलने वाली बीमारियों की रोकथाम,जांच और प्रभावी निगरानी के लिए जनपद स्तरीय पेयजल जनित संक्रमण अनुश्रवण समिति का गठन किया गया है। जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी किए हैं।
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित इस समिति में जिला प्रशासन,स्वास्थ्य,शिक्षा, पेयजल और स्थानीय निकायों के प्रमुख अधिकारियों को शामिल किया गया है।जिसमें जिलाधिकारी अध्यक्ष,उपाध्यक्ष मुख्य विकास अधिकारी,सदस्य सचिव अधिशासी अभियन्ता,उत्तराखण्ड जल संस्थान (अनुरक्षण खण्ड)सदस्य मुख्य चिकित्साधिकारी,मुख्य शिक्षा अधिकारी,जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी,नगर निगम रुद्रपुर एवं काशीपुर के नगर आयुक्त एवं समस्त नगर पालिकाओं व नगर पंचायतों के अधिशासी अधिकारी, तथा पेयजल निगम व जल संस्थान के अधिशासी अभियन्ता शामिल हैं।
गठित समिति पेयजल स्वच्छता और जल गुणवत्ता को लेकर हर माह नियमित बैठकें आयोजित करेगी। तथा किसी भी क्षेत्र में पेयजल जनित संक्रमण की घटना सामने आने पर समिति द्वारा विस्तृत जांच कर जरूरी कार्यवाही करेगी।समिति द्वारा संक्रमण के सम्भावित स्रोत, पेयजलापूर्ति व्यवस्था, जल स्रोत, वितरण तंत्र, टैंक, पाइप लाइन, लीकेज/सीपेज, क्रॉस-कनेक्शन अथवा क्रॉस-कंटैमिनेशन की सम्भावना तथा पेयजल एवं सीवरेज प्रणालियों के मध्य किसी सम्भावित अंतसंबंध का परीक्षण किया जाएगा।साथ ही उपलब्ध जल गुणवत्ता परीक्षण रिपोर्ट, स्वास्थ्य विभाग के रोग सर्विलांस संबंधी आंकड़े, संबंधित विभागों के अभिलेख तथा स्थलीय निरीक्षण के आधार पर संक्रमण के कारणों एवं उत्तरदायित्व का निर्धारण किया जाएगा।
पेयजल स्रोतों,जलाशयों/टैंकों एवं वितरण प्रणाली की सफाई,फ्लशिंग,ब्लीचिंग एवं निर्धारित मानकों के अनुरूपडिसइन्फेक्शन/क्लोरीनेशन एवं पेयजल पाइप लाइनों में लीकेज, सीपेज, क्षति एवं अन्य तकनीकी दोषों का चिन्हीकरण एवं निवारण किया जाएगा। तथा यूनियन,जंक्शंस, इंटरसेक्टिंग लाइनों एवं अन्य संवेदनशील बिन्दुओं का परीक्षण एवं आवश्यकतानुसार सुधार/पुनर्व्यवस्था के साथ ही पेयजलापूर्ति एवं सीवरेज प्रणालियों की पृथकता सुनिश्चित करते हुए क्रॉस-कनेक्शन अथवा क्रॉस-कंटैमिनेशन की सम्भावनाओं का निराकरण करेगी।पेयजल स्रोतों एवं वितरण प्रणाली से आवश्यकतानुसार नमूने प्राप्त कर उनका प्रयोगशाला परीक्षण तथा परिणामों के आधार पर आवश्यक कार्यवाही करने तथा सुरक्षित पेयजल की वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करेगी। साथ ही संक्रमण की पुनरावृत्ति की सम्भावना वाले स्थलों का चिन्हीकरण कर उनके स्थायी निराकरण हेतु कार्ययोजना भी तैयार करेगी।स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यकतानुसार स्वास्थ्य दल तैनात कर हेल्थ कैम्प,रोग सर्विलांस, रोग निदान, औषधि वितरण एवं जन जागरूकता संबंधी कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। तथा संक्रामक रोगों की शीघ्र पहचान एवं संक्रमण की स्थिति के अनुश्रवण हेतु प्रभावित क्षेत्र में डोर-टू-डोर सर्विलांस कराया जाएगा तथा प्राप्त सूचना के आधार पर आवश्यक चिकित्सा एवं सार्वजनिक स्वास्थ्य संबंधी कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।
समिति पेयजल संक्रमण के कारण संबंधी तथ्य व निष्कर्ष,कृत एवं प्रस्तावित सुधारात्मक कार्यवाही तथा जहां जांच में उत्तरदायित्व निर्धारित होना पाया जाए, संबंधित विभाग/अधिकारी का स्पष्ट दायित्व अंकित करते हुए संबंधित विभाग (जिसके स्तर पर कार्यवाही अपेक्षित है) को अनुपालन हेतु निर्देशित करेगी। यदि शासन स्तर पर कोई मार्ग-दर्शन/दिशा-निर्देश अपेक्षित हो,तो शासन को प्रस्ताव प्रस्तुत करेगी।
जिलाधिकारी ने यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू करते हुए सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश है।
