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उधमसिंह नगर

*सड़क दुर्घटना में घायल युवक को 45 मिनट्स तक नहीं मिला ईलाज, रक्तस्त्राव से हुई मौत. सुशील गाबा ने उठाये व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल*

रुद्रपुर(खबर धमाका)। गुरुवार को गदरपुर क्षेत्र का एक नौजवान सिस्टम की काहिली और अवस्थाओं का शिकार बन गया।

जानकारी के अनुसार ग्राम नंदपुर निवासी 23 वर्षीय जितेंद्र पुत्र कल्याण सिंह अनहद ग्रुप आफ इंडस्ट्री में काम करता था. आज प्रातः वह 8:00 बजे अपने कार्य स्थल के नजदीक पहुंचने से पहले दुर्घटनाग्रस्त हो गए और डिवाइडर से कटरा तक लगभग 35 फीट नीचे गहरे गड्ढे में जा गिरे. दुर्घटना की सूचना मिलते ही समीप स्थित अनाहत ग्रुप के प्लांट हेड नरेश अरोड़ा अपने साथी अमित चौधरी साहब सिंह व सुख आदि के साथ मौके पर पहुंच गए और उन्होंने 35 फीट गहराई से तुरंत घायल को निकाल कर 108 पर फोन किया लेकिन 108 पर फोन नहीं लगा तो वह अपनी निजी गाड़ी में ही घायल को लेकर जिला अस्पताल पहुंच गए. लेकिन वहां सिस्टम सता रहा तमाम अपील करने के बाद घायल के खुद यह चिल्लाने के बाद की भाई मुझे बचाओ मुझे बचाओ कोई डॉक्टर जाकर इलाज करने को तैयार नहीं था. समाजसेवी नरेश अरोड़ा द्वारा वहां के सिस्टम को चिल्लाकर इलाज अपील करने पर सिस्टम ज्यादा और डॉक्टर राजीव इलाज के लिए आए लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और रक्तस्र स्टाफ के चलते घायल जितेंद्र की सांस उखड़ने लगी 10 मिनट के पश्चात उसकी दर्दनाक मौत हो गई

सूचना मिलते ही समाज से भी सुशील गाबा जिला अस्पताल पहुंच गए और उन्होंने कहा कि यह घटना बेहद गंभीर और चिंताजनक है। एक घायल व्यक्ति को इलाज के लिए सरकारी अस्पताल लाया गया, लेकिन परिजनों के अनुसार करीब 45 मिनट तक उसे समुचित उपचार नहीं मिल सका। इस दौरान घायल के शरीर से लगातार खून बहता रहा और अंततः उसकी मौत हो गई।श्री गाबा ने कहा कि अगर यह आरोप सही है कि समय पर उपचार नहीं मिलने के कारण अत्यधिक रक्तस्राव से मरीज की जान गई, तो यह केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि पूरी स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल है।

हमारी मांग है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष और तत्काल जांच कराई जाए। अस्पताल की CCTV फुटेज, इमरजेंसी रजिस्टर, डॉक्टरों एवं स्टाफ की ड्यूटी और उपचार से संबंधित सभी रिकॉर्ड की जांच हो। यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

सरकारी अस्पतालों में आने वाला हर मरीज समय पर इलाज पाने का अधिकार रखता है। किसी घायल की जान केवल इसलिए नहीं जानी चाहिए कि उसे समय पर चिकित्सा सुविधा नहीं मिली।

हम प्रशासन से मांग करते हैं कि जांच की रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए और भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो, इसके लिए इमरजेंसी व्यवस्था को मजबूत किया जाए।

इस दौरान नरेश अरोड़ा, ललित सिंह बिष्ट जुगनू गुड़िया स्वरूप सिंह ग्राम प्रधान गुरदेव सिंह सुरेश सिंह अनिल चौधरी साहब सिंह सुख आदि मौजूद थे