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उधमसिंह नगर

ऊधमसिंहनगर में डंपरों से अवैध वसूली प्रकरण।मुकदमे के बाद अब ठुकराल का धाराओं को लेकर पुलिस से सवाल।भाजपा अनुसूचित मोर्चा के जिला महामंत्री विकास सागर पर दर्ज हुआ है डंपरों से उगाही मुकदमा 

रुद्रपुर(खबर धमाका)। रुद्रपुर के पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल ने एक बार फिर अपनी ही शैली में पुलिस की कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल खड़े कर दिए हैं।* मामला भारतीय जनता युवा मोर्चा के एक नेता द्वारा डंपरों से की गई अवैध वसूली से जुड़ा है, जिसमें ठुकराल का आरोप है कि पुलिस तमाम सबूतों और बयानों के बावजूद आरोपी पर मेहरबान नजर आ रही है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा है कि पर्याप्त साक्ष्य होने के बाद भी मुकदमे में जानबूझकर हल्की धाराएं लगाई गई हैं, जबकि कानूनन यह सीधे तौर पर लूट और रंगदारी का मामला बनता है।

 

पत्रकार वार्ता में पूरे घटनाक्रम का ब्यौरा देते हुए पूर्व विधायक ने बताया कि इस विवाद की शुरुआत 14 अप्रैल को हुई थी, जब पुलिस ने रामसिंह के दो डंपरों को अवैध खनन के आरोप में पकड़कर सीज कर दिया था। इसके बाद विकास सागर नामक व्यक्ति सामने आया, जिसने खुद को भाजयुमो का जिला अध्यक्ष बताकर अपना रौब गालिब किया। ठुकराल के अनुसार, विकास सागर ने डंपर मालिक को झांसा दिया कि यदि उसे 70 हजार रुपये दिए जाते हैं, तो भविष्य में उसके डंपरों को कभी नहीं पकड़ा जाएगा। सत्ता के रसूख और पद की धौंस दिखाकर की गई इस वसूली को पूर्व विधायक ने जनता के साथ सरासर धोखाधड़ी करार दिया है।

ठुकराल ने यह भी उजागर किया कि इस मामले में शुरुआत से ही पुलिस पर भारी दबाव रहा है। उन्होंने बताया कि जब ईमानदार सीओ ने विकास सागर को कोतवाली तलब किया और साक्ष्यों के आधार पर उसे फटकार लगाते हुए मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए, तब भी अज्ञात कारणों और भारी दबाव के चलते तत्काल कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद मामला एसएसपी तक पहुँचा और पीड़ित पक्ष के कलमबंद बयान दर्ज किए गए। हालांकि, पुलिस ने विकास सागर के खिलाफ मुकदमा तो दर्ज कर लिया है, जिसके लिए ठुकराल ने पुलिस का धन्यवाद भी किया, लेकिन धाराओं के चयन पर उन्होंने गहरा रोष व्यक्त किया है। पूर्व विधायक का तर्क है कि विकास सागर के खिलाफ केवल धोखाधड़ी और चोरी की धाराएं लगाना न्याय का मजाक उड़ाने जैसा है। उन्होंने मांग की है कि जिस तरह डरा-धमकाकर और पद का प्रभाव दिखाकर अवैध रूप से पैसे की मांग की गई है, उसे देखते हुए मुकदमे में तत्काल प्रभाव से लूट और रंगदारी की संगीन धाराएं बढ़ाई जानी चाहिए। ठुकराल ने स्पष्ट कर दिया है कि वह इस लड़ाई को तब तक जारी रखेंगे जब तक कि पीड़ित पक्ष को पूर्ण न्याय नहीं मिल जाता और अपराधी को उसके किए की उचित सजा नहीं मिल जाती।