रुद्रपुर में भाजपा की आपसी खींचतान में लटका कबीर मंडल में मोर्चों का गठन।जमीन से जुड़े कार्यकर्ताओं की जगह अपने-अपने लोगों को पद देने की मची है होड़।इसी मंडल से जुड़ा है भाजपा का बड़ा बैंक, महापौर विकास शर्मा,और भाजयुमो जिलाध्यक्ष का घर भी है मौजूद
नरेन्द्र राठौर(खबर धमाका)। संगठन के मामले में सबसे तेज चलने वाली भाजपा रुद्रपुर के कबीर मंडल में पिछड़ गई है। बताया जा रहा एक तरफ पूरे प्रदेश में मंडल मोर्चों का गठन होने के बाद भी रुद्रपुर का सबसे अहम कबीर मंडल में अभी तक गठन नहीं हो पाया है। इसके पीछे जमीन से जुड़े कार्यकर्ताओं को नजरंदाज करके अपने अपने चहेते लोगों को पद देने की चल रही सिफारिश मुख्य बजह बताई जा रही है।
उत्तराखंड में 2027 के चुनाव उलटी गिनती शुरू हो चुकी है। कांग्रेस ने जहां प्रदेश में वापसी के लिए जोड़-तोड़ शुरू कर दिया है,वहीं रुद्रपुर से भाजपा बड़ी खबर समाने आ रही। सूत्रों की मानें भाजपा के जनप्रतिनिधि जमीन से जुड़े कार्यकर्ताओं की जगह हर जगह अपने अपने लोगों को बैठने का जोड़ तोड़ लगा है।
इसलिए रुद्रपुर का सबसे अहम माने जाने वाले कबीर मंडल में मोर्चों का गठन लटका हुआ है।
पार्टी से जुड़े लोगों की मानें तो पूरे उत्तराखंड में पार्टी मोर्चों का गठन कर चुकी है, लेकिन कबीर मंडल जो विधानसभा का सबसे अहम् मंडल है वहां पर अभी तक गठन नहीं हो पाया है।
कबीर मंडल की बात करें तो इसमें रम्पुरा, भदईपुरा,खेड़ा, भूत बंगला समेत अन्य कई ऐसे क्षेत्र शामिल हैं,जो भाजपा का वोट बैंक माने जाते हैं,इसी मंडल भाजपा युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष और महापौर विकास शर्मा का घर भी मौजूद है।इस मंडल में मोर्चों का गठन न होना भाजपा के लिए परेशानी का सबब बन सकता है।
