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उधमसिंह नगर

*लव जिहादी को दिया जा रहा संरक्षणः विकास शर्मा * *महापौर ने गूलरभोज प्रकरण पर दी तीखी प्रतिक्रिया।कहा- दूसरे समुदाय का युवक नेताओं के इशारे पर लगा रहा झूठे आरोप*

रुद्रपुर(खबर धमाका)। गूलरभोज में 15 अगस्त को दूसरे समुदाय के एक युवक को एक महिला के साथ आपत्तिजनक स्थिति में पकड़े जाने के महापौर विकास शर्मा ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए युवक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। महापौर ने इसे पर ‘लव जिहाद’ से जुड़ा मामला बताते हुए प्रशासन से निष्पक्ष और गहन जांच और दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि मामले में यदि किसी प्रभावशाली व्यक्ति की भूमिका या संरक्षण सामने आता है तो उसकी भी जांच होनी चाहिए।

मीडिया से बातचीत में महापौर विकास शर्मा ने कहा कि 15 अगस्त को गूलरभोज में हुई घटना को केवल किसी एक स्थान अथवा व्यक्ति से जुड़ा सामान्य विवाद मानकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होनंे कहा कि यह मामला सामाजिक सुरक्षा, महिलाओं की गरिमा और कानून-व्यवस्था से भी जुड़ा है।

महापौर ने कहा कि 15 अगस्त को गूलरभोज डैम के पास एक मुस्लिम युवक को एक हिंदू महिला के साथ आपत्तिजनक स्थिति में पकड़ा गया था। क्षेत्र के कुछ कार्यकर्ताओं को उक्त युवक की गतिविधियों के संबंध में पहले से जानकारी थी और इसी आधार पर उस पर नजर रखी जा रही थी। महापौर ने कहा कि युवक को पकड़े जाने के दौरान पूरे घटनाक्रम की वीडियो रिकॉर्डिंग भी की गई है। उपलब्ध वीडियो और अन्य सामग्री से युवक की गतिविधियों को लेकर कई सवाल खड़े होते हैं।

महापौर ने कहा कि युवक के मोबाइल फोन की जांच के दौरान कई अश्लील एवं आपत्तिजनक वीडियो मिलने की बात सामने आई है। मोबाइल में अन्य महिलाओं से संबंधित आपत्तिजनक चैट और फोटो भी मौजूद हैं। जो युवक के लव जिहाद में संलिप्त होने की ओर इशारा कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि इन सभी सामग्री की वास्तविकता और प्रामाणिकता की जांच सक्षम एजेंसी द्वारा की जानी चाहिए। महापौर ने स्पष्ट किया कि घटना से संबंधित वीडियो फुटेज तथा अन्य डिजिटल साक्ष्य मौजूद हैं और जरूरत पड़ने पर इन्हें प्रशासन एवं जांच एजेंसियों के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।

महापौर ने कहा कि युवक को पकड़े जाने के बाद कार्यकर्ता उसे दिनेशपुर थाने ले जा रहे थे। इसी दौरान युवक द्वारा रास्ते में भागने का प्रयास किया गया। इसी दौरान रास्ते में भीड़ एकत्र हो गई और छह नंबर गांव के पास बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने युवक को पकड़ लिया और भीड़ ने वहां युवक के साथ मारपीट भी की।

हिंदू कार्यकर्ताओं ने युवक को सुरक्षित थाने छोड़ा था, लेकिन पुलिस ने बाद में उसे घर भेज दिया। दूसरे दिन युवक अपने साथ शोषण के आरोप लगाने लगा। महापौर ने युवक द्वारा अगले दिन पुलिस के पास पहुंचकर अपने साथ ‘शोषण’ किए जाने की शिकायत पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि युवक स्वयं को पीड़ित मानता था तो पकड़े जाने के समय ही पुलिस के समक्ष अपनी बात रखनी चाहिए थी।

उन्होंने सवाल उठाया कि घटना के समय युवक ने तत्काल पुलिस के समक्ष अपना पक्ष क्यों नहीं रखा और बाद में मेडिकल जांच कराकर शिकायत क्यों दर्ज कराई। महापौर ने कहा कि इन सभी परिस्थितियों की जांच निष्पक्ष तरीके से होनी चाहिए, ताकि घटनाक्रम की वास्तविकता सामने आ सके।

महापौर ने मामले में किसी प्रभावशाली राजनीतिक व्यक्ति की भूमिका की आशंका भी जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि संभव है कि किसी प्रभावशाली नेता के उकसावे या दबाव में युवक ने बाद में अलग बयान दिया हो। महापौर ने प्रशासन से मांग की कि इस पहलू की भी जांच की जाए और यदि किसी व्यक्ति ने युवक को उकसाया अथवा गलत बयान देने के लिए प्रेरित किया है तो उसकी भूमिका सामने लाई जाए।

महापौर ने युवक की ओर से लगाए गए शोषण के आरोप और उससे संबंधित मेडिकल जांच को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आशंका जताई कि मामले में गलत तरीके से मेडिकल रिपोर्ट तैयार करवाने का प्रयास किया गया हो सकता है।

महापौर ने कहा कि मेडिकल जांच और रिपोर्ट की प्रक्रिया की भी निष्पक्षता से जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी पक्ष के आरोप को अंतिम सत्य मानने के बजाय उपलब्ध वीडियो, डिजिटल साक्ष्य, मेडिकल रिपोर्ट, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य तथ्यों को सामने रखकर पूरे मामले की जांच की जानी चाहिए।

महापौर विकास शर्मा ने कहा कि घटना से जुड़े वीडियो फुटेज के अलावा अन्य महिलाओं के साथ युवक की कथित आपत्तिजनक चौट और फोटो से संबंधित सामग्री भी मौजूद है। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन निष्पक्ष जांच करता है तो संबंधित सभी साक्ष्य जांच एजेंसी को उपलब्ध कराए जाएंगे।

महापौर ने कहा कि यदि जांच में किसी व्यक्ति द्वारा लव जिहाद जैसे कृत्यों को संरक्षण देने, आरोपियों को बचाने या मामले को प्रभावित करने का प्रयास सामने आता है तो उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।

महापौर ने कहा कि कड़े शब्दों मंे कहा कि हिंदू महिलाओं के साथ गलत कृत्य करने वालों और उन्हें संरक्षण देने वालों को बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। ऐसे लोगों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। हिंदू समाज और हमारे कार्यकर्ता इस प्रकार की गतिविधियों को कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे।