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उधमसिंह नगर

ऊधमसिंहनगर-नैनीताल में कई कड़वे अनुभव हुए प्राप्त।हरदा ने धन्यवाद और जनसंवाद यात्रा के बाद दिया बयान, बोले कई जगह हुआ षडयंत्र।

रचना राठौर (खबर धमाका)। सोमवार को ऊधमसिंहनगर पहुंची धन्यवाद यात्रा के समापन के बाद पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत का बयान समाने आया है। उन्होंने की ऊधमसिंहनगर-नैनीताल कई कड़वे अनुभव हुए जो हरिद्वार में नहीं हुए। जबकि मैं अपने प्रोग्राम के विषय में होम सेक्रेटरी साहब को और कमिश्नर साहब को बता चुका था। पुलिस को हमने बकायदा पूरा कार्यक्रम दे दिया था।

जब हम सैकड़ों गाड़ियों के काफिले के साथ काशीपुर पहुंचे, तो काशीपुर से हमारे खिलाफ षड्यंत्र प्रारंभ हुआ। पहले तो हमको मेन रोड से जाने की अनुमति नहीं दी गई। कहा गया कि ROB टूटा है, एक पुलिया टूटी हुई है, बहुत दिक्कत है। कैसा प्रशासन है जो 5-7 दिन से पुलिया नहीं बना पा रहा है? जबसे हमने प्रोग्राम डाला, तब से पुलिया भी खराब है, तब से जो है आरओबी भी खराब है। यहाँ भी हमको शक नहीं होता। जब हम निकले काशीपुर से तो हमारे साथ चल रही गाड़ियों को मार्ग भटकाया गया। जो गाड़ी हमारी एस्कॉर्ट के रूप में रखी गई, वही हमारी गाड़ियों को दूसरी दिशा में लेकर के चली गई। हमको उन गाड़ियों का इंतज़ार करना पड़ा मार्ग में। वो बड़ी मुश्किल से पहुंच पाए। योजना थी कि हम रामनगर समय पर न पहुंचें और न रामनगर में, न कहीं और मार्ग में, हल्द्वानी में भी नहीं—जहाँ सामान्य तौर पर हमको एस्कॉर्ट देते ही देते थे। क्योंकि ट्रैफ़िक जाम में न फंसें और ट्रैफ़िक जाम के सवाल को न उठाएँ हम, इसलिए ये एस्कॉर्ट देते थे। लेकिन आज कहीं भी एस्कॉर्ट नहीं दी गई ताकि हमारी यात्रा फँसे और हम समय पर अपनी यात्रा को पूरा न कर पाएँ।

यदि ऐसे पुलिस अधिकारी हैं, तो मेरे ध्यान में आता है कांग्रेस को विचार करना चाहिए, जो भी पार्टी सत्ता में आए इसके बाद, उसको विचार करना चाहिए कि ऐसे पुलिस अधिकारियों के लिए कुछ ऐसे एरियाज़ छाँटने चाहिए जहाँ ये एक-डेढ़ साल की कूलिंग ड्यूटी करके आएं और ऐसे एरिया हमारे सीमांत के क्षेत्र हो सकते हैं, जहाँ बाहरी घुसपैठ ज़्यादा होती है। उन एरियाज़ के लिए इन्हें स्पेशल ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी बनाया जाना चाहिए।

ये अधिकारी धन्य हैं। ये क्या क्राइम रोकेंगे? इनका अधिकांश समय तो इस तरीके की पेटी पॉलिटिक्स के काम में लग रहा है। पुलिस का हमारे नैनीताल में बड़ा शानदार इतिहास रहा था, लेकिन आज मुझे दुःख हो रहा है।