*विजीलेंस ने नैनीताल में तीस हजार की रिश्वत लेते पटवारी को किया गिरफ्तार।* *जमीन की पैमाइश के नाम पर ले रहा था रिश्वत*
रचना राठौर(खबर धमाका)। नैनीताल में भ्रष्टाचार के खिलाफ सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए धारी तहसील में तैनात एक पटवारी को कथित तौर पर 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। भूमि की नाप कराने के एवज में रिश्वत मांगने की शिकायत के बाद विजिलेंस ने जाल बिछाया और ट्रैप कार्रवाई को अंजाम दिया।
मामला धारी तहसील के मौड़ा गांव का बताया जा रहा है। शिकायतकर्ता अपनी जमीन की नाप कराने के लिए पटवारी निर्मल बोरा के पास पहुंचा था। आरोप है कि भूमि की नाप की कार्रवाई के बदले पटवारी ने उससे 30 हजार रुपये की रिश्वत मांगी।
1064 पर पहुंची शिकायत, फिर विजिलेंस ने बिछाया जाल
शिकायतकर्ता ने रिश्वत देने के बजाय मामले की सूचना सतर्कता अधिष्ठान की टोल फ्री हेल्पलाइन 1064 पर दी। शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस टीम ने मामले की गोपनीय जांच की। प्रथम दृष्टया शिकायत सही पाए जाने के बाद भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर ट्रैप की योजना तैयार की गई।
30 हजार रुपये लेकर पहुंचा शिकायतकर्ता, टीम ने दबोच लिया
26 सितंबर को विजिलेंस टीम ने धारी तहसील क्षेत्र में ट्रैप कार्रवाई की। शिकायतकर्ता जैसे ही कथित तौर पर पटवारी को 30 हजार रुपये देने पहुंचा, पहले से मुस्तैद विजिलेंस टीम ने कार्रवाई करते हुए पटवारी निर्मल बोरा को रिश्वत की रकम के साथ रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के बाद विजिलेंस टीम आरोपी पटवारी के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी है। मामले में ट्रैप कार्रवाई को सफल बनाने वाली टीम के लिए सतर्कता अधिष्ठान के निदेशक डॉ. वी. मुरूगेशन ने नगद पुरस्कार देने की घोषणा की है।
विजिलेंस की इस कार्रवाई के बाद सरकारी विभागों में रिश्वतखोरी के खिलाफ सख्ती का संदेश गया है।

