बड़ी खबर,ऊधमसिंहनगर का डीपीआरओ एक लाख की रिश्वत लेते गिरफ्तार।बिल पास करने के नाम पर मांग रहा था एक लाख। विजीलेंस ने मैट्रो पालिस माल से रंगे हाथों दबोचा। मुख्य विकास अधिकारी की मुस्तैदी पर उठे सवाल
नरेन्द्र राठौर
रुद्रपुर। विजीलेंस टीम में ऊधमसिंहनगर के जिला पंचायत राज अधिकारी को एक लाख की रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया। टीम आरोपी को हल्द्वानी स्थित मुख्यालय ले गयी। पूछताछ के बाद उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा।

रमेश चंद्र त्रिपाठी डीपीआरओ ऊधमसिंहनगर
गिरफ्तारी की जानकारी देते एपी विजीलेंस प्रलाहद नरायण मीणा
जानकारी के मुताबिक एक व्यक्ति ने विजिलेंस से शिकायत की थी कि ऊधमसिंहनगर का डीपीआरओ उससे सप्लाई किए गए उपकरण के बिल पास करने के एवज में एक लाख रुपया मांग रहा। विजिलेंस ने शिकायत की पुष्टि की तो बात सही निकली, जिसपर शनिवार को विजिलेंस ने पीड़ित के साथ मिलकर पूरा जाल बिछाया। पीड़ित ने डीपीआरओ रमेश चंद्र त्रिपाठी से कहा की वह एक लाख रुपया देने को तैयार हैं। जिसपर डीपीआरओ ने उसे मैट्रोपालिस माल में बुला लिया। डीपीआरओ जब पैसा ले रहे थे,तभी पहले ही मौजूद विजिलेंस टीम ने उसे दबोच लिया। डीपीआरओ ने भागने की भी कोशिश की, लेकिन विजिलेंस के मजबूत हाथों के समाने उसकी कोशिश सफल नहीं हो पायी।
इधर डीपीआरओ के रिश्वत लेते गिरफ्तार होने पर मुख्य विकास अधिकारी की मुस्तैदी पर भी सवाल खड़े हो गए। डीपीआरओ उन्हीं के कैपंस और अंडर में पूरा खेल कर रहा है। विकास भवन में संचालित अन्य विभागों में भी भष्टाचार के खेल होने की चर्चाएं समाने आती रही है। लेकिन उनके उच्च अधिकारी इसपर संज्ञान नहीं लेते हैं।
टीम में विजिलेंस के इंस्पेक्टर ललित पाण्डे,मनोहर सिंह दसौनी,हेम चन्द्र पाण्डेय,हेड कांस्टेबल जगदीश सिंह बोरा,नवीन कुमार व गिरीश जोशी मौजूद थे।
