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मेयर साहब:आपकी बजह से ही व्यापारियों के समाने खड़ी होगी भुखमरी नौवत!ढेड़ साल पहले फड-डेली वाले के चिन्हित हुए आठ वेडिंग जोन। लापरवाही की बजह एक जगह पर नहीं हो पाया काम।अब प्रशासन का विरोध करके लूट रहे झूठी सहानभूति

नरेन्द्र राठौर
रुद्रपुर। राजनीति, कहते हैं, इसमें जो दिखता है वह होता नहीं है,और जो होता है वह दिखता नहीं है। यह लाइनें रुद्रपुर मेयर रामपाल पर बिल्कुल सटीक और साबित हो रही है। महानगर में G-20 सम्मेलन से पहले नैनीताल हाईवे को चल रही सुन्दर बनाने की कवायद के बीच रुद्रपुर मेयर का वोटो के खातिर जमीर जाग गया। मेयर ने प्रशासन द्वारा सड़क से हटाते जा अतिक्रमण का विरोध किया तो निगम के संसाधन न देने का ऐलान भी कर दिया। सवाल यह उठता है, पिछले कई दिनों से चल रही कार्यवाही के दौरान मेयर कहा थे,अव जब प्रशासन ने हाईवे को काफी हद तक खाली करा लिया है,तो मेयर का जमीर जगाने की क्या बजह है, क्या वे अपने वोट बैंक को साधने के लिए झूठे आंसू वहां रहे है। जबकि हकीकत यह है कि इसके लिए पूरे तरह मेयर और नगर आयुक्त विशाल मिश्रा जिम्मेदार है, नहीं तो जिन लोगों को हाईवे से हटाया जा रहा उन्हें कब का शहर के वेडिंग ग जोन में स्थापित कर दिया गया होता।

ढेड़ वर्ष पहले चिन्हित वेडिंग जोन की सूची
चलिए हम आपको बताते हैं कि हम मेयर और नगर आयुक्त यह आरोप क्यों लगा है। दरासल शहर सड़कों पर फड-ठेली की बजह हुए अतिक्रमण से जाम की स्थिति पैदा होती है, नैतिकता हाईव हो या शहर की अन्य सड़कें सभी का बुरा हाल है, पिछले बर्ष तत्कालीन एसडीएम प्रशासन के साथ नगर निगम की टीम ने सर्वे करने के बाद महानगर के आठ स्थानों पर बैंडिंग जोन चिन्हित किए थे, जहां पर शहर के सभी फड,खेली,खोका स्वामियों को अस्थाई रुप स्थापित करना था,नगर निगम ने यदि इस काम को गंभीरता से किया होता तो शायद शहर की सड़कों पर अपना व्यापार कर रहे लोगों को कोई दिक्कत नहीं होती, लेकिन नगर ढेड़ साल में एक भी बैंडिंग जोन को पूरा नहीं कर पाया। अब जब प्रशासन फंड,ठेला और खोका स्वामियों को हटा रहा तो मेयर रामपाल सिंह उजड रहे लोगों को सहानभूति दिखा रहे हैं। इस मामले में पिछले दिनों हमारी नगर आयुक्त विशाल मिश्रा बात हुई तो उन्होंने निगम के पास बैंडिंग जोन को विकसित करने के लिए धन का आभाव होने की बात कही थी, जबकि नगर के अन्य काम लगातार हो रहे,ऐसे काम भी किए जा रहे जो उनकी सीमा के बहार है, उदाहरण के तौर इंद्रा चौक के सौंदर्यीकरण का टेंडर निकाला शामिल हैं, जबकि यह का एन एच वालों का था,इस काम को अब डीडीए करा रहा है, सवाल यह की जब निगम के पास नहीं है, इंद्रा चौक के सौंदर्यीकरण का टेंडर क्यों निकाला गया।