*व्यापारियों का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगाः विकास शर्मा* *महापौर ने व्यापारियों और जीएसटी अधिकारियों को एक मंच पर बैठाकर सुनी समस्याए*
रुद्रपुर(खबर धमाका)। जीएसटी विभाग की सर्वे और कार्रवाई को लेकर व्यापारियों में बढ़ती नाराजगी के बीच महापौर विकास शर्मा ने गुरुवार को नगर निगम सभागार में व्यापारियों और जीएसटी विभाग के अधिकारियों की संयुक्त बैठक बुलाकर दोनों पक्षों को एक मंच पर बैठाया। बैठक में व्यापारियों ने जीएसटी से जुड़ी व्यावहारिक समस्याओं के साथ ही सर्वे के दौरान अधिकारियों के व्यवहार, दस्तावेजों की जांच और कार्रवाई के तरीके को लेकर खुलकर अपनी नाराजगी जताई। महापौर ने व्यापारियों की समस्याएं सुनने के बाद अधिकारियों से भी स्थिति स्पष्ट करने को कहा और दो टूक कहा कि नियमों का पालन जरूरी है, लेकिन किसी भी व्यापारी का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
गौरतलब है कि रुद्रपुर में पिछले दिनों जीएसटी विभाग के सर्वे को लेकर व्यापारियों में नाराजगी बनी हुई है। बुधवार को भी बड़ी संख्या में व्यापारियों ने जीएसटी कार्यालय पहुंचकर सर्वे की कार्रवाई के विरोध में धरना प्रदर्शन किया था। व्यापारियों ने कार्रवाई के तरीके में बदलाव और समस्याओं के समाधान की मांग उठाई थी।
बैठक में महापौर विकास शर्मा ने कहा कि पिछले दिनों व्यापारियों के साथ जीएसटी विभाग की कार्रवाई, छापे और व्यवहार को लेकर कई शिकायतें सामने आई हैं। यदि किसी व्यापारी के साथ गलत व्यवहार हुआ है या बिना उचित प्रक्रिया के कार्रवाई की गई है तो यह गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में व्यापारियों का सम्मान होगा और उनके हितों की अनदेखी नहीं होने दी जाएगी। व्यापारी देश और प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। वह सरकार को टैक्स देते हैं और उसी राजस्व से विकास तथा अन्य सरकारी कार्य आगे बढ़ते हैं।
महापौर ने कहा कि जीएसटी लागू होने के बाद देश की कर व्यवस्था में बड़ा बदलाव आया है। समय के साथ इसमें भी कई परिवर्तन हुए हैं और सरकार लगातार व्यवस्था को सरल बनाने की दिशा में काम कर रही है। इसके बावजूद व्यापारियों और विभाग के बीच कहीं न कहीं सामंजस्य की कमी दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि जीएसटी में बड़े बदलाव भाजपा सरकार के कार्यकाल में ही हुए हैं और सरकार का उद्देश्य व्यापारियों को परेशान करना नहीं, बल्कि कर व्यवस्था को व्यवस्थित और पारदर्शी बनाना है।
उन्होंने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि विभाग का काम केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि व्यापारियों को नियमों की जानकारी देना और उनकी समस्याओं का समाधान करना भी है। यदि किसी व्यापारी के दस्तावेजों में कमी है या कोई तकनीकी समस्या है तो पहले उसे समझाया जाना चाहिए। व्यापारियों के साथ संवाद बढ़ाने के लिए नियमित रूप से सेमिनार और कार्यशालाएं आयोजित की जानी चाहिए, ताकि जीएसटी विभाग और व्यापारियों के बीच बेहतर सामंजस्य स्थापित हो सके।
महापौर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसी दुकानदार के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जो व्यापारी लाखों रुपये का टैक्स सरकार को दे रहा है, उसे केवल किसी कमी या तकनीकी समस्या के आधार पर चोर साबित करने की कोशिश की जाएगी तो यह स्वीकार नहीं होगा। व्यापारी नियमों का पालन करने और विभाग को पूरा सहयोग देने के लिए तैयार हैं। यदि कोई व्यापारी सहयोग नहीं कर रहा है तो विभाग उसकी जानकारी दे, लेकिन कार्रवाई की प्रक्रिया नियमानुसार और सम्मानजनक होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यापारी के यहां तकनीकी समस्या या कागजात से संबंधित कमी है तो उसे दूर कराने में सहयोग किया जाएगा। आगामी त्योहारी सीजन का उल्लेख करते हुए महापौर ने अधिकारियों से कहा कि त्योहारों के दौरान व्यापारियों को अनावश्यक रूप से परेशान नहीं किया जाना चाहिए। यह समय व्यापारियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है और बाजार में कारोबार बढ़ता है। ऐसे समय में भय और असमंजस का वातावरण बनने से व्यापार और शहर की अर्थव्यवस्था दोनों प्रभावित होते हैं।
महापौर ने कहा कि पिछले दिनों सर्वे और अन्य कार्रवाई के कारण जिन व्यापारियों को परेशानी हुई है, उसके लिए वह सरकार की ओर से खेद व्यक्त करते हैं। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ी तो व्यापारियों की समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से भी वार्ता की जाएगी। सरकार ऐसा कोई काम नहीं करेगी जिससे व्यापारी वर्ग का उत्पीड़न हो। उन्होंने कहा कि जिस अधिकारी की कार्यप्रणाली के कारण व्यापारियों को परेशानी हुई है, उसके संबंध में भी सरकार और विभागीय स्तर पर बात रखी जाएगी।
महापौर ने कहा कि वह केवल महापौर ही नहीं, बल्कि व्यापार मंडल से जुड़े रहे हैं और स्वयं व्यापारी भी हैं। इसलिए व्यापारियों की समस्याओं को वह करीब से समझते हैं। उन्होंने कहा कि व्यापारियों के हितों के लिए अधिकारियों के साथ मजबूती से बात रखने से वह पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने कहा कि व्यापारियों की आवाज को संबंधित अधिकारियों और सरकार तक पहुंचाना उनकी जिम्मेदारी है।
महापौर ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज जिले में हैं। वह मुख्यमंत्री से मुलाकात कर जीएसटी को लेकर व्यापारियों की समस्याओं को उनके सामने रखेंगे और व्यापारियों के हितों की सुरक्षा के लिए आवश्यक दिशा निर्देश जारी कराने का प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि जिन व्यापारियों के पास विभाग की ओर से नोटिस पहुंचे हैं, उन्हें लेकर भी स्थिति स्पष्ट कराई जाएगी और किसी भी व्यापारी का अनावश्यक उत्पीड़न नहीं होने दिया जाएगा।
अधिकारियों के सामने व्यापारियों ने रखी समस्याएं
बैठक में व्यापारियों ने जीएसटी अधिकारियों के सामने भी तीखे सवाल उठाए। व्यापारियों ने कहा कि जीएसटी देने के मामले में केवल व्यापारी को ही गलत मान लेना उचित नहीं है। कई बार विभागीय अधिकारी भी अधूरे या उचित दस्तावेजों के बिना सर्वे के लिए व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर पहुंच जाते हैं। व्यापारियों का कहना था कि यदि किसी व्यापारी के दस्तावेज में कमी मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाती है तो गलत या अधूरे दस्तावेज लेकर सर्वे के लिए पहुंचने वाले अधिकारियों की जवाबदेही भी तय होनी चाहिए।
व्यापारियों ने कहा कि विभागीय कार्रवाई के दौरान ऐसा प्रतीत होता है कि अधिकारियों का पूरा ध्यान व्यापारी को गलत साबित करने पर रहता है। उन्होंने कहा कि व्यापारी सरकार को नियमित रूप से कर देते हैं और इसी राजस्व से सरकार का कामकाज संचालित होता है। विभागीय अधिकारी सरकार और व्यापारियों के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी हैं। ऐसे में दोनों के बीच विश्वास और संवाद का वातावरण होना जरूरी है।
व्यापारियों ने आरोप लगाया कि पिछले कई दिनों से दुकानों पर सर्वे के नाम पर कार्रवाई से व्यापारियों में भय और दहशत का माहौल बना है। उन्होंने कहा कि सर्वे के लिए आने वाले अधिकारियों को व्यापारियों के प्रति अपने व्यवहार और भाषा में सुधार लाना चाहिए। साथ ही अधिकारियों को पूरी तरह तथ्य आधारित और सही दस्तावेज लेकर ही दुकानों पर जांच के लिए पहुंचना चाहिए।
व्यापारियों ने मांग की कि यदि किसी व्यापारी के कागजात में कमी है तो उसे स्पष्ट रूप से बताया जाए, ताकि वह निर्धारित प्रक्रिया के तहत कमी दूर कर सके। इसके अलावा जीएसटी विभाग को समय समय पर व्यापार मंडल के साथ बैठकें और संवाद कार्यक्रम आयोजित करने चाहिए, जिससे छोटी समस्याएं बड़ी शिकायतों का रूप लेने से पहले ही हल हो सकें।
त्योहारी सीजन में राहत की मांग
व्यापारियों ने कहा कि त्योहारी सीजन नजदीक है और इस समय बाजार में कारोबार बढ़ता है। ऐसे में विभागीय कार्रवाई को लेकर व्यापारियों में भय का वातावरण नहीं होना चाहिए। व्यापारियों ने कहा कि वह कर व्यवस्था और कानूनों का पालन करने के लिए तैयार हैं, लेकिन विभाग को भी व्यापारियों की व्यावहारिक परिस्थितियों को समझना होगा।
महापौर ने व्यापारियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि नगर निगम व्यापारियों और संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित करने के लिए सकारात्मक भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार और व्यापारी वर्ग के बीच बेहतर संवाद से ही स्थायी समाधान निकल सकता है। किसी भी समस्या का हल टकराव नहीं, बल्कि बातचीत और समन्वय से निकाला जाना चाहिए।
बैठक में जीएसटी विभाग के अधिकारियों ने व्यापारियों की शिकायतें और सुझाव सुने। अधिकारियों की ओर से बताया गया कि विभाग द्वारा वर्तमान में सर्वे कार्य रोक दिया गया है। बैठक में दोनों पक्षों के बीच जीएसटी से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा हुई और भविष्य में संवाद के माध्यम से समस्याओं के समाधान पर जोर दिया गया।
बैठक में ज्वाइंट कमिश्नर स्मिता, नगर आयुक्त शिप्रा जोशी, सुनील ठुकराल, नरेन्द्र अरोरा, गुरमीत सिंह, पवन गाबा, राजेन्द्र कामरा, प्रभात खुराना, गुलशन नारंग, संजीव कामरा, नितिन श्रीधर, मनीष, राजन, ऋषभ, मोहित, हर्षित कालरा, हरविंद्र सिंह, राजीव चावला, जितेन्द्र साहनी, भूपेंद्र अग्रवाल, जगदीश टण्डन, रमेश सहित बड़ी संख्या में व्यापारी और जीएसटी विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।

