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उत्तराखंड

प्रदेश की 28 सहकारिता समितियों की होगी एसआईटी जांच। ऊधमसिंहनगर की फौजी मटकोटा समिति भी शामिल।विभागीय जांच में गडवडी की पुष्टि के बाद सहकारिता मंत्री ने दिए आदेश

नरेन्द्र राठौर 
रुद्रपुर (खबर धमाका)। प्रदेश में सहकारी समितियों में गब्न व वित्तीय गड़बड़ी के मामलों को सरकार ने बेहद गंभीरता से लिया है। विभागीय जांच में इसकी पुष्टि होने के बाद सहकारिता मंत्री डा धन सिंह रावत ने ऐसी 28 समितियों की एसआइटी जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि समितियों के वित्तीय लेन-देन में गड़बड़ी करने वाले क विभागीय कार्मिकों को किसी भी दशा इर में बख्शा नहीं जाएगा।
सहकारी समितियों में हुए कंप्यूटराइजेशन के फलस्वरूप बड़ी संख्या में वित्तीय गड़बड़ी के प्रकरण स सामने आए हैं। इसे देखते हुए सहकारिता मंत्री के निर्देश पर इनकी बत विभागीय जांच कराई गई। इसमें विकासनगर समिति में करीब दो करोड़ रुपए के घपले की पुष्टि हुई है।इसी तरह अन्य समितियों में गवन व वित्तीय अनियमिताएं उजागर हुई है, इसमें बहुउद्देशीय प्रारंभिक कृषि ऋण सहकारी समितियां समेत अन्य समितियां शामिल हैं।
सहकारी समितियों में कम्प्यूटराईजेशन के फलस्वरूप बड़ी संख्या में वित्तीय गड़बड़ी के प्ररकण समाने आए हैं।
इसे देखते हुए सहकारिता मंत्री के निर्देश पर इनकी विभागीय जांच में ऊधमसिंहनगर की फौजी मटकोटा,पौड़ी जिले में डाडामंडी, चांदपुर, देहरादून में विकास नगर, त्यूणी,दसऊ, भानियावाला, रुद्रप्रयाग में दैड़ा, टिहरी में मेगाधार, बड़कोट, सांदणा, पडिया, रौणिया, अल्मोड़ा में फलसीमा, – भवाली, हरिद्वार में बेल्डा, मंगलौर पूर्वी, खेलपुर, जवाहरखान, खेड़ी शिकोहपुर, जवाहरखान मौ. बुजुर्ग, धनपुरा, सलेमपुर, चमोली में मसोली, उत्तरकाशी में जखोल, नैनीताल में -ल्योलीकोट, सुयालवाड़ी में वित्तीय अनियमिता व गबन के प्रकरण उजागर हुए। इन सभी मामलों में एसआइटी जांच के आदेश दिए गए हैं। दोषी पाए जाने वाले कार्मिकों पर सख्त कार्रवाई करने के साथ ही उनसे गबन की राशि ब्याज सहित वसूली जाएगी। उन्होंने कहा किं जिन भी समितियों में गबन व वित्तीय गड़बड़ी के मामले आएंगे आएंगे, उन्हें एसआइटी जांच के दायरे में लिया जाएगा।