यूपीआई चार्ज के खिलाफ रुद्रपुर में व्यापारियों का विरोध, 2 अक्टूबर को मनाया जाएगा ‘नो यूपीआई डे’
रुद्रपुर(खबर धमाका)। यूपीआई के माध्यम से होने वाले कुछ व्यापारी लेन-देन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू किए जाने के विरोध में रुद्रपुर में भी व्यापारियों ने आवाज बुलंद कर दी है। रुद्रपुर व्यापार मंडल ने गांधी जयंती, 2 अक्टूबर को ‘नो यूपीआई डे’ मनाने का ऐलान किया है। इस दिन व्यापारियों से यूपीआई के माध्यम से भुगतान स्वीकार नहीं करने और ग्राहकों से नकद अथवा कार्ड के माध्यम से भुगतान करने की अपील की गई है।
रुद्रपुर व्यापार मंडल के अध्यक्ष संजय जुनेजा ने कहा कि यूपीआई देश में डिजिटल भुगतान व्यवस्था की रीढ़ बन चुका है और व्यापारी तथा आम जनता लंबे समय से इसका व्यापक रूप से इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे में डिजिटल भुगतान से जुड़े किसी भी अतिरिक्त खर्च का असर व्यापारियों और आम उपभोक्ताओं पर पड़ सकता है।
उन्होंने कहा कि व्यापारियों की मांग है कि यूपीआई भुगतान व्यवस्था को सरल, पारदर्शी और बिना अतिरिक्त बोझ के रखा जाए। व्यापारी टैक्स कलेक्शन की मशीन नहीं, बल्कि देश की आर्थिक प्रगति का मजबूत स्तंभ हैं। सरकार को ऐसा कोई भी निर्णय नहीं लेना चाहिए जिससे छोटे और मध्यम व्यापारियों पर अतिरिक्त वित्तीय दबाव पड़े।
जुनेजा ने कहा कि “हम डिजिटल इंडिया और कैशलेस अर्थव्यवस्था के समर्थक हैं, लेकिन डिजिटल भुगतान के नाम पर व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ स्वीकार नहीं किया जाएगा। केंद्र सरकार को व्यापारियों की चिंताओं को गंभीरता से लेते हुए इस व्यवस्था पर पुनर्विचार करना चाहिए।”
उन्होंने व्यापारियों से 2 अक्टूबर को ‘नो यूपीआई डे’ के माध्यम से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग दर्ज कराने का आह्वान किया।
व्यापार मंडल अध्यक्ष संजय जुनेजा का कहना है कि व्यापारियों पर किसी भी प्रकार का अतिरिक्त भुगतान खर्च अंततः व्यापार की लागत को प्रभावित कर सकता है। इसी चिंता को लेकर 2 अक्टूबर को ‘नो यूपीआई डे’ के माध्यम से व्यापारी अपना विरोध दर्ज कराने जा रहे हैं।
व्यापार मंडल अध्यक्ष संजय जुनेजा ने केंद्र सरकार से मांग की कि व्यापारियों और आम जनता के हितों को ध्यान में रखते हुए यूपीआई से जुड़े इस शुल्क संबंधी प्रावधान पर पुनर्विचार किया जाए।

