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ऊधमसिंहनगर में DPRO के बाद अगला कौन!कई बड़े अफसर हैं विजिलेंस की रडार पर।आरोपी के घर से मिलीं थीं 25.71 लाख की नगदी, बैंक खाते में भी बड़ी धनराशि मौजूद न,सील।कई बड़े अधिकारियों पर लगते रहे कमीशनखोरी के आरोप

नरेन्द्र राठौर
रुद्रपुर (खबर धमाका)। ऊधमसिंहनगर में एक लाख की रिश्वत लेते दबोचें गए जिला पंचायत राज अधिकारी की गिरफ्तारी से पहले विजीलेंस ने शासन से अनुमति ली थी। विजिलेंस ने आरोपी के घर से भी 25.71 लाख रुपया बरामद किए थे,वहीं अव उसके खाते भी सीज कर दिए हैं। बताया जा रहा की आरोपी के बैंक खातों में भी भष्टचार की भारी रकम मौजूद हैं। विजिलेंस की नजर उसके व उसके परिवार की सम्पत्ति पर है। विजिलेंस उसके करीबियों के पर नजर बनाए हुए।इधर बताया जा रहा की ऊधमसिंहनगर में कई बड़े अधिकारी भी विजीलेंस की रडार पर है। जिन पर कभी भी विजिलेंस की रेड हो सकती है।
आपको बता प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भष्टचार पर नकेल कसने के लिए विजिलेंस को मजबूत किया है तो टोल फ्री नंबर 1064 भी जारी किया है, जिसपर कोई भी आसानी से शिकायत कर सकता है। जिसका असर भी दिखा है। विजिलेंस ने पिछले डेढ़ साल में कुमाऊं मंडल 11 घूसखोर अफसरों को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है,जो अपने आपमें रिकार्ड है। गुरुवार को विजिलेंस ने 2005 बैंच के राजपत्रित अधिकारी हैं।02 ग्रेड के अफसर को गिरफ्तार करने से पहले सरकार की अनुमति जरूरी होती है। विजिलेंस ने ऊधमसिंहनगर डीपीआरओ रमेश चंद्र त्रिपाठी को शासन से हरी झंडी मिलने के बाद ही एक लाख की रिश्वत लेते दबोच लिया। विजिलेंस ने उसके घर से भी 25.71 लाख रुपया बरामद किए हैं। बताया जा की आरोपी के खातों में भष्टचार की अकूत धनराशि मौजूद हैं, जिससे उसके खाते सीज कर दिए गए हैं।
बताया जा की विजिलेंस के रडार पर ऊधमसिंहनगर के कई और भष्टचारी अफसर भी है।जिनपर कभी भी रेड हो सकती है। यदि ऐसा हुआ तो सरकारी सिस्टम की नींव हिल जायेगी। वैसे जिसपर मुख्यालय स्तर पर बड़े अफसरों के ऊपर लोगों द्वारा भष्टचार के आरोप लगाए जाते रहे हैं,वो बड़ी हैरानी वाले हैं। जिससे सरकार की साख पर बट्टा लग रहा है,तो अफसर मौज कर रहे हैं,इनकी इन हरकतों से सरकार को राजस्व का भी बड़ा नुक़सान होता है। सरकारी महकमों में बड़ी संख्या ऐसी फाइलें लंबे समय से दवी हुई है,जिनपर अधिकारी पैसे की मांग कर रहे हैं,जिनकी शिकायतें शासन के साथ ही विजिलेंस के पास पहुंची हुई है।