Latest:
उधमसिंह नगर

खुदा लिखेंगे इनके कर्मों की कहानी। अमीरों के लिए सब एक,गरीबों पर दिनभर गरजती रही जेसीबी। गरीब उजड गए तब जागे सफेदपोश फड ठेली लगाने वालों में ज्यादातर रम्पुरा जैसी बस्तियों के लोग

नरेन्द्र राठौर
रुद्रपुर। महानगर के नैनीताल हाईवे के चौड़ीकरण को एक तरफ जेसीबी गरज रही तो दूसरी तरफ कुछ दुकानों को बचाने के सब एक हो गए है, मेयर रामपाल ने अपनी ही सरकार को चुनौती दे डाली है,तो पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल भी इससे पीछे नहीं हैं।
आपकों बता की G-20 सम्मेलन से पहले नैनीताल हाईवे को चौड़ीकरण को लेकर पिछले एक सप्ताह से लगातार कार्यवाही हो रही है, प्रशासन ने हाईवे की रोडवेज से सटी लाइन पर फड-ठेली लगा रहे सैकड़ों लोगों का हटा दिया है। यूपी बार्डर इसका काम जारी है,यानी की सड़क को अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए लगातार जेसीबी गरज रही है।वहीं तीन दिन पहले गांधी पार्क साइट पर बनी दुकानों के लिए जारी हुए नोटिस के बाद आंदोलन शुरू हो गया है, जिसमें मेयर रामपाल, पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल के साथ ही कई बड़े बड़े गरीबों के हितैषी हुंकार भर रहे हैं,सभी की दलील है की गरीब उजड़ने नहीं दिया जायेगा। उनकी इस ऐलान पर अब सवाल उठने शुरू हो गए। इसके पीछे मुख्य बजह यह की जब प्रशासन ने गरीबों के फंड खेली और दुकानों को उजाड रहा था तब यह सफेदपोश कहां थे, गरीबों को उजाड़ने के लिए जेसीबी आज भी चल रही है, सफेदपोश उन्हें बचाने क्यों नहीं जा रहे हैं, जबकि जिन गरीब को को उजाड़ा गया वे रम्पुरा जैसी मलिन बस्तियों मे रहकर अपना परिवार फंड और डेली से चलाते हैं, चुनाव के दौरान इन नेताओं का भय इतनी बस्तियों से लिखा जाता है, लेकिन गरीब को बेचारा बनाकर छोड़ दिया गया है और अमीरों की सफेदपोश ढाल बन रहे हैं, जानकारों की मानें तो गांधी पार्क ही नहीं डीडीए चौक से कोतवाली तक अधिकांश दुकानें किराए पर उठी हुई है, जिनसे हर महीने मोटा किरायि हजार वसूला जा रहा,और दुकानें जिन लोगों के नाम एलर्ट हो उनमें अधिकांश करोड़पति बने बैठे हैं। खैर ऊपर वाले की लाठी में दम होता है। गरीब और अमीर में फर्क कर रहे इन सफेदपोश की कहानी खुदा के दरबार में जरुर लिखी जायेगी।शहर का गरीब भी यह देख रहा। उसे अब सिर्फ ऊपर वाले पर भरोसा है,जो पूरा जरुर होगा